द किंगडम रिटन इन सैंड एंड टाइम पार्ट वन
- ₹260.00
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- Book: The Kingdom Written in Sand and Time Part One
- Paperback: 274 pages
- Publisher: Gradias Publishing House
- Language: English
- ISBN-13: 978-81-996162-9-5
- Product Dimensions: 22 x 14 x 3 cm
जब रेत में दबी हुई सदियों पुरानी दुनिया वर्तमान के सामने आ खड़ी हो
फैंटेसी साहित्य की कल्पना करते ही प्रायः ऐसे संसार सामने आते हैं जहाँ प्राचीन किले, जादुई जीव, रहस्यमय शक्तियाँ और भविष्यवाणियाँ मौजूद होती हैं। लेकिन ऐसी कल्पनाओं की जड़ें केवल पश्चिमी लोककथाओं में नहीं हैं।
अरब की प्राचीन लोकपरंपराओं में जिन्न, इफ़रीत, परी, रहस्यमय शक्तियों और अदृश्य संसारों की कल्पना बहुत पुरानी है। द किंगडम रिटन इन सैंड एंड टाइम पार्ट वन इसी सांस्कृतिक और मिथकीय धरातल से अपनी दुनिया का निर्माण करती है।
यह कहानी मनुष्य और जिन्न की दो अलग दुनियाओं को एक ऐसे संघर्ष में जोड़ती है, जिसकी जड़ें वर्तमान से कहीं अधिक पुराने इतिहास में छिपी हैं।
यहाँ प्रेम केवल संबंध नहीं है।
भविष्यवाणी केवल भविष्य का संकेत नहीं है।
और अतीत केवल बीती हुई घटना नहीं है।
इन तीनों के बीच से एक ऐसा संघर्ष जन्म लेता है, जिसमें किसी एक व्यक्ति का निर्णय कई राज्यों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
चार जिन्न साम्राज्य और एक भूला हुआ साम्राज्य
कथा का संसार चार बड़े जिन्न-राज्यों में विभाजित है।
अरामिन ओमान के रेगिस्तानों की गहराइयों में छिपा हुआ है।
रख़’आन इराक और सीरिया के बीच फैला हुआ क्षेत्र है।
क़ज़ार तुर्कमेनिस्तान के ठंडे रेगिस्तानों से जुड़ा है।
और पंजशीर उसी अफ़गान घाटी के नीचे छिपा हुआ है जिसे मनुष्य भी इसी नाम से जानते हैं, लेकिन जिन्नों की दुनिया में उसका स्वरूप बिल्कुल अलग है।
इन राज्यों के बीच केवल भौगोलिक दूरी नहीं है। इनके बीच पुराने राजनीतिक संघर्ष, अविश्वास और अधूरे युद्धों की स्मृतियाँ भी मौजूद हैं।
कभी ये सभी क्षेत्र एक ही शक्ति के अधीन थे।
उस साम्राज्य का शासक था—हिकमतयार ग़ज़ावी।
एक शक्तिशाली और लगभग अजेय जिन्न, जिसने अल’तूनिया नामक विशाल साम्राज्य की स्थापना की थी।
लेकिन साम्राज्य टिक नहीं सका।
एकता टूट गई।
राज्य अलग हो गए।
और पुराने संघर्ष पीढ़ियों तक जीवित रहे।
यही कारण है कि वर्तमान समय में जिन्नों की दुनिया बाहर से भले ही व्यवस्थित दिखाई दे, भीतर से वह पुराने अविश्वास और राजनीतिक तनाव पर टिकी हुई है।
फिर एक ऐसी घटना घटती है जो इस नाज़ुक संतुलन को हिला देती है।
एक अभियान असफल होता है।
एक अपहरण होता है।
दो सल्तनतें एक साथ संकट में आ जाती हैं।
और एक संभावित युद्ध की शुरुआत युद्धभूमि पर नहीं, बल्कि छाया में होती है।
रय्यान अफ़रीदी: दो दुनियाओं के बीच फँसा मनुष्य
मनुष्यों की दुनिया में रय्यान अफ़रीदी एक उत्तराधिकारी है।
लेकिन जिन्नों की दुनिया में उसका परिचय इतना सरल नहीं है।
वह उस संसार में पहुँचता है जिसके अस्तित्व की उसे पहले कोई जानकारी नहीं थी। फिर भी उस दुनिया से उसका संबंध नया नहीं है।
उसकी वंश-परंपरा एक पुराने समझौते से जुड़ी है।
उसके पूर्वजों ने हिकमतयार ग़ज़ावी के साथ एक ऐसा समझौता किया था, जिसके परिणाम समय के साथ समाप्त नहीं हुए।
उस समझौते से जुड़ा अभिशाप पीढ़ियों के भीतर आगे बढ़ता रहा।
अब उसी इतिहास की छाया रय्यान के वर्तमान जीवन पर पड़ रही है।
रेगिस्तान, रहस्यमय ठिकाने, शापित बाग़, भूमिगत सुरंगें और हवाई युद्ध उसके बाहरी सफर का हिस्सा बनते हैं।
लेकिन उसके सामने वास्तविक चुनौती इससे कहीं अधिक गहरी है।
उसे यह समझना है कि किसी मनुष्य की पहचान में उसके पूर्वजों का कितना हिस्सा होता है।
क्या किसी व्यक्ति को उन अपराधों की जिम्मेदारी उठानी चाहिए जो उसने किए ही नहीं?
और क्या नियति द्वारा निर्धारित रास्ते पर चलते हुए भी मनुष्य अपनी स्वतंत्र पसंद बचा सकता है?
ग़ज़ल: भविष्यवाणी से बँधी हुई जिन्न लड़की
ग़ज़ल इस कथा की सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक है।
वह एक जिन्न लड़की है, लेकिन उसका जीवन केवल जिन्नों की दुनिया तक सीमित नहीं रहा। उसका पालन-पोषण दो दुनियाओं के बीच हुआ है और इसी कारण वह मनुष्यों तथा जिन्नों दोनों संसारों को समझने की दुर्लभ क्षमता रखती है।
उसका जीवन एक पुरानी भविष्यवाणी से जुड़ा है—
एक मनुष्य कुंजी बनेगा।
और वह सेतु बनेगी।
लेकिन भविष्यवाणी उसके लिए कोई वरदान नहीं है।
वह एक जिम्मेदारी है।
ग़ज़ल को धीरे-धीरे यह स्वीकार करना पड़ता है कि उसका जीवन पूरी तरह उसका अपना नहीं रह सकता।
उसकी भावनाएँ उसके कर्तव्य से अलग नहीं हो सकतीं।
उसका प्रेम उसके दायित्व से टकराता है।
और भविष्यवाणी को पूरा करने की कीमत शायद वही हो सकती है जिसे वह सबसे अधिक बचाना चाहती है।
यही कारण है कि रय्यान और ग़ज़ल का संबंध सामान्य प्रेमकथा की तरह नहीं बनता।
यहाँ प्रेम मुक्ति का रास्ता नहीं है।
वह स्वयं एक परीक्षा बन जाता है।
शाह आलम: वह शासक जिसे मृत्यु छू नहीं सकती
पंजशीर का शासक शाह आलम इस संसार की सबसे बड़ी शक्तियों में से एक है।
रहस्यमय साधु बाबा अब्दाली से प्राप्त अमरता ने उसे मृत्यु के सामान्य नियमों से अलग कर दिया है।
वह अपने राज्य पर कठोर नियंत्रण रखता है।
विद्रोह कुचल दिए जाते हैं।
बगावतें समाप्त कर दी जाती हैं।
और स्वतंत्रता की इच्छा रखने वालों को शक्ति प्राप्त करने से पहले ही दबा दिया जाता है।
लेकिन शाह आलम का चरित्र केवल एक अत्याचारी शासक के रूप में प्रस्तुत नहीं होता।
उसके पीछे विश्वासघातों का इतिहास है।
उसके भीतर असुरक्षा और भय की स्मृतियाँ हैं।
और अपनी कमजोरी को समाप्त करने के प्रयास में उसने स्वयं ऐसे निर्णय लिए हैं जिनसे वह एक निर्दयी शासक में बदल गया।
इसलिए उसके विरुद्ध संघर्ष केवल उसे समाप्त करने का संघर्ष नहीं है।
भविष्यवाणी जिस अंत की ओर संकेत करती है, उसमें शाह आलम के शरीर से अधिक महत्वपूर्ण वह सत्ता और व्यक्तित्व है जो उसकी अमरता ने निर्मित किया है।
चार मानव जनजातियाँ और पीढ़ियों पुराना अभिशाप
जिन्नों की कहानी के साथ-साथ कथा मनुष्यों के एक पुराने संघर्ष को भी सामने लाती है।
स्वात और चितराल की चार मानव जनजातियाँ ऐसी घटनाओं से जुड़ी हैं जिनकी जड़ें जिन्नों के इतिहास तक जाती हैं।
कहीं एक चोरी हुआ खज़ाना है।
कहीं किसी पुराने उपकार का ऋण।
कहीं मनुष्यों द्वारा बचाया गया एक राज्य।
और फिर चार परिवारों पर डाला गया एक अभिशाप।
समय के साथ मूल घटना की वास्तविकता पीछे छूट जाती है।
लेकिन संघर्ष बना रहता है।
पीढ़ियाँ अपने पूर्वजों की दुश्मनी विरासत में लेती हैं।
बहनें अगवा होती हैं।
भाई मारे जाते हैं।
और बदला एक परंपरा में बदल जाता है।
रय्यान इसी रक्तवंश से संबंधित है।
इसलिए जिन्नों की दुनिया में उसका प्रवेश कोई आकस्मिक घटना नहीं है।
मानव इतिहास और जिन्न इतिहास बहुत पहले से एक-दूसरे से जुड़े हुए थे।
रय्यान उसी पुराने संबंध का वर्तमान बिंदु बन जाता है।
बाहर की यात्रा और भीतर का संघर्ष
कथा का बाहरी संसार रोमांच से भरा हुआ है।
रेगिस्तानों के ऊपर उड़ते घोड़े हैं।
गुफाओं में असाधारण शक्तियों वाले साधु हैं।
ऐसे शापित बाग़ हैं जो अपना स्थान बदल सकते हैं।
पुराने घरों के नीचे छिपी सुरंगें हैं।
युद्ध के लिए तैयार होती सेनाएँ हैं।
और ऐसे शासक हैं जिनकी महत्वाकांक्षा सामान्य राजनीतिक सीमाओं से कहीं आगे जाती है।
लेकिन इस सबके भीतर दो व्यक्तियों की एक दूसरी यात्रा चलती रहती है।
रय्यान को अपनी विरासत, अपराधबोध और उन अपेक्षाओं का सामना करना पड़ता है जिन्हें उसने स्वयं कभी नहीं चुना।
ग़ज़ल को यह समझना पड़ता है कि किसी बड़े उद्देश्य के लिए कभी-कभी व्यक्ति को अपने सबसे प्रिय संबंध का भी त्याग करना पड़ सकता है।
इसलिए दोनों की यात्राएँ दो दिशाओं में चलती हैं—
एक बाहर की ओर और दूसरी भीतर की ओर।
एक उन्हें रेगिस्तानों, पर्वतों, राज्यों और युद्धों तक ले जाती है।
दूसरी उन्हें स्वयं की पहचान, प्रेम, कर्तव्य और नियति के प्रश्नों तक पहुँचाती है।
एक ऐसी फैंटेसी जिसमें कई परंपराएँ मिलती हैं
द किंगडम रिटन इन सैंड एंड टाइम पार्ट वन को किसी एक पारंपरिक फैंटेसी श्रेणी में सीमित करना आसान नहीं है।
इसका मिथकीय आधार अरब की लोकपरंपराओं से जुड़ा है, जबकि इसकी भौगोलिक पृष्ठभूमि ओमान, इराक, सीरिया, तुर्कमेनिस्तान और अफ़गानिस्तान जैसे वास्तविक क्षेत्रों से जुड़ती है।
इसमें सल्तनतों की राजनीति है।
वंशों का इतिहास है।
जिन्नों की रहस्यमय दुनिया है।
प्रेम और भविष्यवाणी का संबंध है।
और इन सबके बीच सत्ता तथा युद्ध की लगातार बदलती परिस्थितियाँ हैं।
इसी मिश्रण से कथा का संसार तैयार होता है, जहाँ मिथक और यथार्थ एक-दूसरे से अलग नहीं रहते।
कथा के भीतर छिपे प्रश्न
इस कहानी का आधार केवल रोमांच नहीं है। इसके पीछे कई विचार लगातार काम करते दिखाई देते हैं।
नियति और स्वतंत्र इच्छा
यदि भविष्यवाणी पहले ही किसी भविष्य की घोषणा कर चुकी है, तो क्या उस भविष्य को बदलने की स्वतंत्रता बचती है?
सत्ता और भ्रष्टाचार
अमरता किसी शासक को क्या बना सकती है?
और जब किसी सत्ता को समाप्त करना लगभग असंभव हो जाए, तो उसके विरुद्ध संघर्ष का स्वरूप क्या होगा?
मनुष्य और जिन्न
दो ऐसी दुनियाएँ जो एक-दूसरे से भयभीत हैं, क्या केवल संघर्ष के माध्यम से ही एक-दूसरे को समझ सकती हैं?
पूर्वजों के अपराध
यदि किसी परिवार के पूर्वजों ने अपराध किया हो, तो उसकी कीमत अगली पीढ़ियों को क्यों चुकानी पड़े?
प्रेम और दायित्व
रय्यान और ग़ज़ल के बीच का संबंध व्यक्तिगत भावनाओं से आगे जाकर एक बड़े उद्देश्य से जुड़ जाता है।
यहीं प्रेम और कर्तव्य एक-दूसरे के सामने खड़े होते हैं।
पार्ट वन का अंत: कहानी का नहीं, बड़े संघर्ष का आरंभ
पहला भाग किसी अंतिम समाधान पर समाप्त नहीं होता।
इसके अंत तक भविष्यवाणी केवल एक रहस्य नहीं रह जाती।
शाह आलम की शक्ति अब छिपी हुई आशंका नहीं रह जाती।
राज्य युद्ध के मुहाने पर पहुँच चुके हैं।
शापित बाग़ अपना रहस्य खोल चुका है।
साधुओं ने ऐसे रास्ते खोल दिए हैं जो अतीत की भूली हुई दुनिया से जुड़े हैं।
और रय्यान की भूमिका भी अब अनुमान का विषय नहीं रह जाती।
वह भविष्यवाणी का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है।
इसलिए पार्ट वन का वास्तविक महत्व किसी संघर्ष के समाप्त होने में नहीं, बल्कि उस बड़े संघर्ष के आकार लेने में है जिसकी जड़ें कई पीढ़ियों पीछे तक जाती हैं।
रेत, समय और नियति से निर्मित संसार
द किंगडम रिटन इन सैंड एंड टाइम पार्ट वन में जिन्नों और मनुष्यों की दुनिया के माध्यम से कई मानवीय प्रश्न सामने आते हैं।
वंश से मिली विरासत।
पूर्वजों के निर्णयों का प्रभाव।
सत्ता की भूख।
विश्वासघात का भय।
प्रेम और कर्तव्य का टकराव।
और नियति के सामने मनुष्य की अपनी इच्छा।
रेगिस्तान इस कथा को उसका दृश्य संसार देते हैं।
पुराना इतिहास उसकी नींव तैयार करता है।
भविष्यवाणी घटनाओं की दिशा निर्धारित करती है।
लेकिन अंततः पात्रों के निर्णय ही यह तय करते हैं कि उस नियति का अर्थ क्या होगा।
पहला भाग इसलिए किसी पूर्ण कथा की समाप्ति से अधिक एक ऐसे विशाल संसार का प्रवेश-द्वार बनकर सामने आता है, जहाँ मनुष्य और जिन्न की सीमाएँ धीरे-धीरे मिट रही हैं और अतीत का एक भूला हुआ संघर्ष वर्तमान को अपने घेरे में ले चुका है।







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